बंद मकान में 2 मौतें, 15 दिन तक सड़ती रहीं पति-पत्नी की लाशें दुर्गंध से पूरा इलाका दहला
15 दिन से बंद पड़े एक मकान के भीतर पति-पत्नी के सड़े-गले शव बरामद हुए। घर से उठती तेज दुर्गंध ने पूरे इलाके को दहला दिया। पति का शव बिस्तर पर पड़ा मिला, जबकि पत्नी बाथरूम में मृत अवस्था में थी। शव इस कदर क्षत-विक्षत हो चुके थे कि पूरा घर मौत की बदबू से भर गया। पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन हालात कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित सेटेलाइट जंक्शन पर गुरुवार को सनसनी फैल गई,
एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के अनुसार, मृतकों की पहचान कन्हैयालाल बरनवाल और उनकी पत्नी स्मृति बरनवाल के रूप में हुई है। कन्हैयालाल मूल रूप से आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे और पीथमपुर के फार्मा सेक्टर में नौकरी कर चुके थे। दोनों 2016 से इसी मकान में रह रहे थे और बाहर की दुनिया से लगभग कटे हुए थे। आसपास के लोगों ने बताया कि दंपती कई-कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलते थे।
इलाके में शक तब गहराया, जब दूधवाला, अखबार वाला और एसआईआर सर्वे के कर्मचारी बार-बार आकर लौटने लगे। करीब 15 दिनों से घर में कोई हलचल नहीं थी। पड़ोसियों ने जब बालकनी से झांककर देखा तो भीतर से तेज बदबू आ रही थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे एसआई नरेंद्र जैसवार ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। घर में बदबू, सड़ चुके शव और मरे हुए कॉकरोच बिखरे पड़े थे, जिससे जहर खाने की आशंका और गहरी हो गई।
पड़ोसियों के मुताबिक, कन्हैयालाल छह माह पहले लकवाग्रस्त हो गए थे। पत्नी स्मृति की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं बताई जा रही है। दोनों किसी से ज्यादा मेल-जोल नहीं रखते थे, न ही उनके घर कभी रिश्तेदार आते-जाते दिखे। अंतिम बार महिला को 26 अक्टूबर को देखा गया था, उसके बाद मकान पूरी तरह खामोश हो गयायह मामला सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि सामाजिक अलगाव, बीमारी और अनदेखी की एक भयावह कहानी बनकर सामने आया है, जहां मौत 15 दिन तक बंद दरवाजों के पीछे सड़ती रही और किसी को भनक तक नहीं लगी।
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -
👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें



12 साल के बालक को मगरमच्छ जिंदा खा गया, जबड़े में दबाया, उछाला और लील गया; वीडियो देख रोंगटे हो जाएंगे खड़े -VIDEO
उत्तराखंड खनन विभाग की अनूठी पहल: 22 हेक्टेयर वन भूमि में बनेगा ‘संजीवनी वन’, हर साल 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
हरेला पर्व पर संकल्प: भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लगाएगा 51 हजार पौधे, निदेशक राजपाल लेघा ने किया ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ करने का आह्वान
बीएसएफ जवान ने की शादीशुदा प्रेमिका की हत्या: पत्नी को लोकेशन भेज खुद भी खाया जहर, अस्पताल में भर्ती