Gold Price Crash: क्या खत्म हो गया सोने का सुनहरा दौर? आगे क्या होगा,गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण

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सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। साल 2025 में शानदार रिटर्न देने के बाद 2026 की शुरुआत में तेजी दिखाने वाला सोना अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

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जनवरी 2026 में सोने की कीमत जहां 5,602 डॉलर Per ounce के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी, वहीं अब यह गिरकर करीब 4,495 डॉलर Per ounce तक आ गई है। यानी महज तीन महीनों में सोने ने अपने उच्चतम स्तर से करीब 20% की गिरावट दर्ज की है।

विशेषज्ञों के अनुसार Iran–United States tensions के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के चलते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

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तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर ने भी सोने पर दबाव बनाया है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित हो रही है।

अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर 2022 में सोने की कीमत करीब 1,500 डॉलर थी, जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 5,602 डॉलर तक पहुंच गई।

इस दौरान सोने ने लगभग 275% का शानदार उछाल दिखाया, लेकिन अब यह तेजी धीमी पड़ती नजर आ रही है।

सोने के इतिहास में कई बार ऐसा देखा गया है कि बड़ी तेजी के बाद कीमतों में तेज गिरावट आई है।

1974 से 1976 के बीच सोने ने पहले तेज उछाल दिखाया और फिर करीब 43% गिर गया। इसी तरह 1980 के दशक में भी 50% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।वहीं, 1999 से 2011 तक लंबी तेजी के बाद 2015 तक सोने की कीमतों में करीब 42% की गिरावट आई थी।

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गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण

विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं।

अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक सुधार जैसे फैक्टर सोने के लिए नकारात्मक माने जाते हैं।

इसके अलावा जब केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को सख्त करते हैं, तब निवेशक सोने से दूरी बनाने लगते हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर गिरावट का सिलसिला जारी रहता है, तो सोना अपने उच्चतम स्तर से 50% तक टूट सकता है।

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ऐसी स्थिति में सोने की कीमत 2,800 से 3,000 डॉलर तक पहुंच सकती है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत करीब 85,000 से 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकती है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञ 3,600 डॉलर के स्तर को भी महत्वपूर्ण सपोर्ट मान रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत
मौजूदा हालात में सोने में निवेश करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

बढ़ती महंगाई, तेल की कीमतें और ब्याज दरों की अनिश्चितता आने वाले समय में सोने की दिशा तय करेंगी।

ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।

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