उत्तराखंड:कैबिनेट में 19 बड़े फैसले ,उपनल कार्मिकों को लेकर हुआ बड़ा फैसला,कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उपनल कार्मिकों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सैनिक कल्याण विभाग में पूर्व में उपनल कार्मिकों की प्रथम चरण में 2015 तक 10 साल की सेवा करने वालों को समान कार्य समान वेतन मिलेगा। इससे सात हजार कार्मिक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा कैबिनेट में 19 फैसले लिए गए।

Ad

पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।
चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।
निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।
यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।
बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50% के साथ अब राज्य से 25% अतिरिक्त मिलेंगे।
दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।
उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से 8000 कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ। भविष्य में उपनल के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास कार्य ही किए जाएंगे।
न्याय विभाग के तहत विशेष न्यायालय बनाने को लेकर प्रथम चरण में 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे 144 पद सृजित किए जाएंगे, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर में बनाए जाएंगे।
उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र सहित करने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है ।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल में खेल महाकुंभ में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में इस विधायक स्तर पर ट्रॉफी और एक लाख की धनराशि दी जाएगी। संसदीय स्तर पर दो लाख की धनराशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर पांच लाख की धनराशि दी जाएगी।

ग्रह विभाग की नियमावली में किया गया संशोधन।
समान नागरिक संहिता में संशोधन को लेकर अध्यादेश के रूप में मंत्रिमंडल के न्यूनतम अपर सचिव लेवल के अधिकारी बनाने का निर्णय लिया गया है। सब रजिस्टार को अपील का भी अधिकार दिया गया है।
पर्यटन विभाग के तहत होम स्टे योजाना को लेकर स्थानीय निवासी को ही लाभ देने की व्यवस्था की गई है। पहले ऐसा नहीं था। लेकिन जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।

Advertisements
ADVERTISEMENTS Ad
Ad Ad
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें