नैनीताल जिले के 100 से अधिक निजी स्कूलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस,एनुअल फीस वसूली तो रद्द होगी मान्यता,स्कूल, एनुअल फीस लेने पर शिक्षा विभाग को करें शिकायत,DM सख्त

ख़बर शेयर करें

​ निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाली कार्यशैली पर नैनीताल जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल के आदेश पर जनपद के 100 से अधिक निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शिक्षा को व्यापार बनाने वाले स्कूलों पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। निजी स्कूल संचालक एनसीईआरटी को दरकिनार कर महंगी किताबें थोप रहे हैं।​जांच में सामने आया है कि ये स्कूल एनुअल फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे थे। इसके अलावा, कमीशन के खेल में एनसीईआरटी (NCERT) की सस्ती किताबों के बजाय निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गई थीं। खास दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाना गया। ट्यूशन फीस के अलावा एनुअल और अन्य अवांछित चार्ज लेना।


DM का अल्टीमेटम या तो पैसे लौटाएं या अगली फीस में एडजस्ट करें

​जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि जिन स्कूलों ने ट्यूशन फीस के अलावा अन्य मदों में पैसे लिए हैं, उन्हें वह राशि तुरंत अभिभावकों को वापस करनी होगी या भविष्य की फीस में समायोजित करनी होगी।नियम तोड़ने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। आरटीई (RTE) एक्ट का उल्लंघन करने पर सीधे मान्यता रद्द करने की कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड खनन विभाग की अनूठी पहल: 22 हेक्टेयर वन भूमि में बनेगा 'संजीवनी वन', हर साल 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

15 दिन की डेडलाइन जांच के लिए बनी स्पेशल कमेटी

​मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने स्कूलों को 15 दिन का समय दिया है। ​संशोधित बुक लिस्ट जारी कर एनसीईआरटी किताबों को प्राथमिकता दें।
​किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने की बाध्यता खत्म करें।
​वेबसाइट पर पूरी फीस संरचना सार्वजनिक करें।
प्रशासन ने ब्लॉक स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित कर दी हैं। ये टीमें 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ, तो दंडात्मक कार्रवाई के साथ स्कूलों के खिलाफ कानूनी केस भी दर्ज हो सकता है।

Advertisements
ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड खनन विभाग की अनूठी पहल: 22 हेक्टेयर वन भूमि में बनेगा 'संजीवनी वन', हर साल 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
Ad Ad
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें