Holika Dahan:होलिका दहन शुभ मुहूर्त,जाने पूजा का विधि विधान सभी मनोकामना होगी पूर्ण

ख़बर शेयर करें

हल्द्वानी: फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाया जाता है.इस वर्ष होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और वृद्धि योग में 24 मार्च को किया जाएगा.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है.
ज्योतिष आचार्य डॉक्टर नवीन चंद्र जोशी के मुताबिक पंचांग के अनुसार 24 मार्च को पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 56 मिनट से होगा और 25 तारीख में सुबह 12 बजकर 30 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा तिथि में भद्रा रहित समय में ही होलिका दहन किया जाता है इस बार होलिका दहन 24 मार्च और रंगोत्सव 26 मार्च को मनाया जाएगा.ज्योतिष की गणना के अनुसार होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 24 मार्च रात्रि 11 बजकर 09 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.

यह भी पढ़ें 👉  शेमफोर्ड स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट दया सागर बिष्ट की बड़ी पहल,सरकारी विद्यालय में भरा पानी तो बच्चों को दिए 2 कमरे; लाइब्रेरी और लैब की सुविधा भी मुफ्त


ज्योतिष आचार्य डॉक्टर नवीन चंद्र जोशी के मुताबिक काशी परंपरा के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन रंग उत्सव खेला जाता है लेकिन लेकिन शास्त्र परंपराओं के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को रंग उत्सव मनाने की परंपरा है शास्त्र संबंध के अनुसार 25 मार्च को दोपहर 12:30 तक पूर्णिमा है लेकिन होली उत्सव चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा में मनाई जाती है ऐसे में 26 मार्च को कुमाऊँ मंडल में होली मनाई जाएगी.

यह भी पढ़ें 👉  शेमफोर्ड स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट दया सागर बिष्ट की बड़ी पहल,सरकारी विद्यालय में भरा पानी तो बच्चों को दिए 2 कमरे; लाइब्रेरी और लैब की सुविधा भी मुफ्त

होलिका दहन की पूजाविधि

होलिका दहन के दिन होली दहन स्थान पर जाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए. पूजन सामग्री जिसमें कि जल, रोली, अक्षत, फूल, कच्चा सूत, गुड़, हल्दी साबुत, मूंग, गुलाल और बताशे साथ ही नई फसल यानी कि गेहूं और चने की पकी बालियां ले लें इसके बाद होलिका के पास ही गाय के गोबर से बनी गुलरियों की माला रख लें।

यह भी पढ़ें 👉  शेमफोर्ड स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट दया सागर बिष्ट की बड़ी पहल,सरकारी विद्यालय में भरा पानी तो बच्चों को दिए 2 कमरे; लाइब्रेरी और लैब की सुविधा भी मुफ्त


कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात बार लपेटकर,प्रथमपूज्य श्री गणेशजी का ध्यान करते हुए होलिका और भक्त प्रह्लाद की सभी चीजें अर्पित कर पूजा करें.भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार को प्रणाम करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.

Advertisements
ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें