रानीखेत को नया जिला बनाए जाने का मुद्दा एक बार फिर से जोर पकड़ा

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रानीखेत: रानीखेत को नया जिला बनाने का मुद्दा फिर जोर पकड़ने लगा है। संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को उपमंडल मुख्यालय में मशाल जुलूस निकाल कर जमकर प्रदर्शन कर कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने चार नए जिले बनाए जाने की घोषणा की लेकिन 10 साल बाद भी जिले के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर से अपनी आवाज बुलंद कर रानीखेत को जिला बनाए जाने की मांग उठाई है।


लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर कहा है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रानीखेत, डीडीहाट, यमुनोत्री व कोटद्वार को नया जिला घोषित किया गया था लेकिन आज तक उसका शासनादेश जारी नहीं हुआ ऐसे में सरकार को चाहिए कि रानीखेत समेत सभी चार नए जिलों के गठन को शासनादेश जारी करना चाहिए।

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