जाने कब है, धनतेरस के दिल भूलकर ना करें ये गलती, मां लक्ष्मी उल्टे पैर लौट जाएंगी वापस

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इस साल धनतेरस का पर्व 23 अक्टूबर, रविवार को मनाया जा रहा है।हिंदू धर्म में दीपावली पर्व का काफी महत्व है। प्रमुख त्योहारों में से एक दिवाली की शुरुआत धनतेरस के साथ हो जाती है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर भगवान की पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही धनतेरस के दिन सोना-चांदी, बर्तन आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।

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कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन त्रयोदशी या धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। इस बार पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इन सभी योग और शुभ मुहूर्त होने के कारण इस धनतेरस मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन बरसाएंगी। इस बार सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का अद्भुत शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन संध्या के समय प्रदोषकाल में मुख्यद्वार पर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है और स्वस्थ व दीर्घायु की कामना की जाती है।

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धनतेरस पर विशेष रूप से नये बर्तन, सोना, चांदी, आभूषण, नए वस्त्र, और गृह सज्जा का समान खरीदना शुभ माना गया है। इसके अलावा धनतेरस का दिन एक परमसिद्ध मुहूर्त भी होता है। इस दिन ऑफिस ओपनिंग, नींवपूजन, गृहप्रवेश, नए घर की बुकिंग, बिजनेस डील आदि और नए वाहन की खरीदारी भी बहुत शुभ मानी गई है।

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23 को पूरे दिन सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। इसलिए हर तरह की खरीदारी, निवेश और नई शुरुआत के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे।

धनतेरस के दिन शाम के समय यम के नाम का दीपक जरूर जलाना चाहिए। दीपक को दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके पितरों और यम का ध्यान करके रख दें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।

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शाम को न करें किसी भी तरह का लेन देन

धनतेरस की शाम काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन शाम के समय किसी भी प्रकार का लेन देन करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है।

धनतेरस के दिन शाम के समय किसी को भी चावल, दूध, आटा, शक्कर या फिर सफेद रंग की मिठाई न दें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।

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