उत्तराखंड:जल सैलाब में डूबा पूरा सीमांत खटीमा, हाइवे बने नदी, हाईवे पर तैर रही है गाड़ियां-देखे-VIDEO

Ad
ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जिलों में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्तव्यस्त है। चंपावत जिले में मानसून ने खतरे का ट्रेलर दिखाया है। यहां भारी बारिश के कारण क्वारला नदी पर बना झूला पुल बह गय जिससे 5 हजार लोगों का संपर्क कट गया है। जबकि तराई वाले बनबसा क्षेत्र में भीषण जलभराव से सैकड़ों लोगों की जान आफत में फंस गई।

देर रात से ही एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी है। बनबसा क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव के बीच 100 से अधिक महिला, पुरुष व बच्चों को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया गया है। हाईवे जलमग्न हो गया है हाईवे पर टोल टैक्स पर गाड़ियां तैरती हुई नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड:धामी सरकार ने दायित्वधारियों की दूसरी सूची की जारी, इन 18 लोगों को मिला दायित्व

रविवार से हो रही भारी बारिश से चंपावत जिले के जगपुरा और बनबसा में बाढ़ जैसे हालात हैं। जलभराव से दर्जनो परिवार पानी के बीच फंस गए। पानी लोगों के घरों के भीतर घुस गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जलभराव में फंसे लोगों का रेस्क्यू करके उनको सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मुश्किल हालात में भी एसडीआरएफ कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंधेरे में ही अंजाम दिया। प्रभावित परिवारों को रैन बसेरा में ठहराया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital News: घर में लगी भीषण आग, भारी नुकसान डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू-VIDEO

चंपावत में क्वारला नदी भी बारिश के कारण उफान पर है। नदी के प्रचंड वेग से नदी पर बना बेलखेत का झूला पुल बह गया है। पुल बहने से करीब क्षेत्र की पांच हजार आबादी का संपर्क जिला मुख्यालय और राज्य के अन्य हिस्सों से कट गया है। लगातार हो रही बारिश से जगह जगह भूस्खलन भी हो रहा है। बजौन गांव को मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क भूस्खलन से धंस गई है। बनबसा क्षेत्र में देवीपुरा पंतर फार्म में बारिश के कारण तीन परिवारों को खतरा हो गया है। चंपावत जिले में लगातार हो रही बारिश से लोहाघाट, चंपावत, बनबसा और टनकपुर में बिजली गुल है। देर रात लोहाघाट में 33केवी लाइन में फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति ठप
जिलाधिकारी श्री उदयराज सिंह ने आम लोगों की जानकारी के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों के नंबर जारी करते हुए कहा है कि किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे संपर्क साधा जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड:जरा सी लापरवाही डूबने से तीन साल का मासूम की मौत सदमे में परिवार,

जिलाधिकारी ने मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को निरंतर सतर्क रहकर किसी भी आकस्मिकता की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Advertisements
Ad Ad Ad Ad
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें