Big breaking: उत्तराखंड: तराई पूर्वी वन प्रभाग में मगरमच्छ में 11 वर्षीय बालक को बनाया निवाला, लोगों ने मगरमच्छ को पकड़ा

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तराई पूर्वी वन प्रभाग के खटीमा रेंज में देवहा नदी किनारे भैंस चराने गए बालक को मगरमच्छ ने शिकार बना लिया। मगरमच्छ बालक को पानी में खींच ले गया और उसे निगल लिया। स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने मगरमच्छ को जाल में फंसाकर बाहर निकाला। घटना रविवार का है जहां देर शाम तक ग्रामीण बालक को मगरमच्छ के पेट से बाहर निकालने की मांग पर अड़े रहे। वन विभाग के आला अधिकारी, पुलिस और एसडीएम ने मगरमच्छ की मेडिकल जांच कराने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।घटना रविवार का है जहाँ करीब साढ़े तीन बजे यूपी सीमा से सटे ग्राम मेहरबाननगर निवासी मीना देवी पत्नी स्व. शोभा प्रसाद का 11 वर्षीय पुत्र वीर सिंह भैंस चराने देवहा नदी के किनारे गया हुआ था। अचानक भैंस देवहा नदी में घुस गई। वीर सिंह उसे बाहर निकालने के लिए नदी में कूद गया। इसी बीच नदी में मौजूद एक मगरमच्छ ने बालक वीर सिंह पर हमला कर उसे पानी में गहराई तक खींच लिया मगरमच्छ बालक वीर सिंह को जिंदा निगल गया।

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आसपास काम कर रहे लोगों ने जब वीर सिंह की चीख-पुकार सुनी तो वे घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते मगरमच्छ पानी में गहराई की ओर चला गया। घटना की सूचना पर बच्चे की माता के साथ कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण गोताखोर बहादुरी दिखाते हुए रस्सी का जाल लेकर नदी में कूद गए मशक्कत के बाद मगरमच्छ को जाल में फंसाकर पानी से बाहर खींच लाए सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया इस दौरान लोग मगरमच्छ का पेड़ चीरकर बच्चे को निकालने की मांग करते रहे।

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खटीमा कोतवाल नरेश चौहान ने लोगों से बातचीत कर मगरमच्छ का मेडिकल परीक्षण कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग मेडिकल परीक्षण पर राजी हुए। ग्रामीणों की सहायता से मगरमच्छ को जाल में बांधकर खटीमा ले जाया गया। घटना स्थल पर काफी संख्या में पुलिस फोर्स और ग्रामीण मौजूद रहे हैं सूचना के बाद एसडीएम भी मौके पर पहुंच लोगों को समझा बुला कर मामले को शांत कराया. देर रात तक हंगामा होता रहा बालक वीर सिंह की मां मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

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बालक के पिता की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी है। वही गरीब महिला पर पति की मौत के बाद से उसके बच्चे की मौत हुई है जहां उसके ऊपर पहाड़ टूट गया है। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है।

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