उत्तराखंड में 10 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा पं.गोविंद बल्लभ पंत की 136वीं जयंती: गोपाल सिंह रावत कोऑर्डिनेटर

ख़बर शेयर करें

हल्द्वानीः भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 136 वीं जयंती 10 सितंबर को उत्तराखंड सहित पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाएगी. जिसके लिए गोविंद बल्लभ पंत समिति के पदाधिकारियों ने सभी तैयारियां
शुरू कर दी है.


भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत समारोह समिति के चीफ कोऑर्डिनेटर गोपाल सिंह रावत ने बताया कि पंत जी की जयंती को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाई जाएगी. साथ ही इस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आमंत्रित किया गया है जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नैनीताल, पंतनगर या हल्द्वानी आ सकते हैं.

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी हिंसा:बीवी ने कब्जाई भूमि या फिर खुद अब्दुल मलिक ने किया फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज……

गोविंद बल्लभ पंत जयंती के मुख्य संयोजक संयोजक गोपाल सिंह रावत ने बताया कि पूरे देश सहित अल्मोड़ा, नैनीताल पंतनगर, हल्द्वानी में भव्य कार्यक्रम किया जाएगा जहां स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ स्थानीय शामिल होंगे इस दौरान कई तरह के सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे

कार्यक्रम की तैयारीयो के लिए प्रदेश संयोजक ललित भट्ट, प्रदेश प्रभारी राजेश कुमार, हल्द्वानी संयोजक रेनू जोशी, सहसंयोजक डी के पंत, प्रवक्ता बीके खुल्बे, प्रवक्ता भुवन जोशी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं.

मुख्य संयोजक गोपाल सिंह रावत ने बताया कि पंत जयंती के मौके पर प्रदेशभर में स्कूली बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिता के अलावा लेखन प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा. साथ ही समारोह में पंत जी के जीवन पर आधारित स्मारिकाओं का भी प्रचार प्रसार किया जाएगा.।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand News:हल्द्वानी से पिथौरागढ़, चम्पावत और मुनस्यारी के लिए कल से हेलीकॉप्टर सेवा का ले मजा,देखे टाइम टेबल और किराया

गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितम्बर, 1887 उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के खूंट नामक गाँव में हुआ था उनके के पिता का नाम मनोरथ पन्त था.
गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे उनका कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से 27 मई, 1954 तक रहा इसके बाद में वे भारत के गृहमंत्री भी बने भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और जमींदारी प्रथा को खत्म कराने में उन्होने महत्वपूर्ण योगदान दिया था.

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी हिंसा:बीवी ने कब्जाई भूमि या फिर खुद अब्दुल मलिक ने किया फर्जीवाड़ा, FIR दर्ज……


भारत रत्न का सम्मान उनके ही गृहमन्त्रित्व काल में शुरू किया गया था। इसके बाद में यही सम्मान उन्हें 1947 में उनके स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान देने, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के गृहमंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद द्वारा भारत रत्न से नवाजा गया था गया था

Advertisements
अपने मोबाइल पर प्रगति टीवी से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें -

👉 व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें

👉 अपने क्षेत्र की खबरों के लिए 8266010911 व्हाट्सएप नंबर को अपने ग्रुप में जोड़ें