उत्तराखंड दरोगा भर्ती घोटाला: एक साल से निलंबित सभी 20 दरोगा हुए बहाल, एक की हो चुकी मौत

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देहरादून:उत्तराखंड अधीस्थ सेवा चयन आयोग की दरोगा भर्ती परीक्षा घोटाले में निलंबित 2015 बैच के 20 दारोगाओं को एक साल बाद बहाल कर दिया गया है। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी कप्तानों ने अपने-अपने जिले में निलंबित चल रहे दरोगाओं को बहाल कर दिया।
कप्तानों की ओर से जारी आदेश में सभी दरोगाओं को विजिलेंस जांच में पूरा सहयोग के साथ ही साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करने और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया जा रहा कि इनमें से कई दरोगा ऐसे हैं, जिनके खिलाफ अभी तक धांधली के साक्ष्य नहीं मिले हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय इस पर शासन को ही लेना है। अब पुलिस मुख्यालय ने इन सभी दरोगाओं को बहाल करने के आदेश दिए हैं। एडीजी प्रशासन अमित सिन्हा ने बहाली निर्देश जारी होने की पुष्टि की है।
एक साल से ज्यादा लंबे समय चली जांच के बाद विजिलेंस ने पिछले दिनों शासन को रिपोर्ट भेज दी थी।

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ये दरोगा हुए बहाल

देेहरादूनः ओमवीर सिंह, प्रवेश रावत, राज नारायण व्यास, जैनेंद्र राणा, निखिलेश बिष्ट।
ऊधमसिंहनगरः दीपक कौशिक, अर्जुन सिंह, बीना पपोला, जगत सिंह शाही, हरीश महर, लोकेश व संतोषी।
नैनीतालः नीरज चैहान, आरती पोखरियाल नैनीताल अभिसूचना, प्रेमा कोरमा व भावना विष्ट।
पौड़ीः पुष्पेंद्र।
चमोलीः गगन मैठाणी।
चंपावतः तेज कुमार।
एसडीआरएफः मोहित सिंह रौथाण

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