हल्द्वानी जेल में बंद इस पूर्व आईएफएस अधिकारी की तबीयत बिगड़ी, ऋषिकेश एम्स रेफर

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हल्द्वानी: वन विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व आई एफ एस अधिकारी किशन चंद की हल्द्वानी जेल में तबीयत खराब होने पर ऋषिकेश एम्स को भेजा गया है बताया जा रहा है कि किशनचंद हृदय रोग से पीड़ित है। किशन चंद का एम्स में हृदय रोग का ऑपरेशन होना है। जिसके लिए अस्पताल प्रशासन ने जेल को अवगत कराया है।

हल्द्वानी जेल अधीक्षक सतीश सुखीजा ने बताया कि किशन चंद ने कोर्ट से अपने इलाज के लिए न्यायालय से गुहार लगाई थी जिसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद हल्द्वानी के 28 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने सुशीला तिवारी अस्पताल को रेफर कर दिया। सुशीला तिवारी अस्पताल में जांच के दौरान पाया गया कि किशनचंद हृदय गति बीमारी से ग्रसित है स्थिति गंभीर पाए जाने पर उनको ऋषिकेश एम्स को भेजा है ।

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किशन चंद का ऋषिकेश एम्स में हृदय रोग का ऑपरेशन होना है जिसके लिए अस्पताल प्रशासन ने जेल प्रशासन को अवगत कराया है। गौरतलब है कि कार्बेट नेशनल पार्क के पाखरो रेंज में भ्रष्टाचार के आरोप में हल्द्वानी जेल में पूर्व डीएफओ किशन चंद बंद है।


24 दिसंबर को विजिलेंस ने उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल से गिरफ्तार किया था 25 दिसंबर को हल्द्वानी की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेशी के बाद उसे हल्द्वानी जेल भेजा गया। जेल पहुंचने से पहले किशन ने कोर्ट को बताया था कि वह हार्ट का मरीज है जिसके बाद न्यायालय के आदेश के बाद किशनचंद को इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स भेजा गया है।

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गौरतलब है कि उत्तराखंड के पूर्व आईपीएस अधिकारी किशनचंद पार वन विभाग में रहते हुए भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगे हैं।
विजिलेंस टीम ने पूर्व आईएफएस अधिकारी किशन चंद के खिलाफ तैयार की गई चार्जशीट में आरोप लगाया है कि किशन चंद ने अपनी आय से 375 गुना ज्यादा संपत्ति अर्जित की है यही नहीं विजिलेंस ने 33 करोड़ की संपत्ति का खुलासा भी किया है।

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उत्तराखंड में डीएफओ रहने के दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज के मोरघट्टी और पाखरो में अवैध तरीके निर्माण कराने, हरे पेड़ों के कटान, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप हैं। आरोपों के मामले में शासन ने उनको निलंबित कर दिया था। भ्रष्टाचार के मामले मेंहल्द्वानी विजिलेंस जांच कर रही थी जिसके बाद किशनचंद को विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर हल्द्वानी जेल भेजने का काम किया था।

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