हल्द्वानी: रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला: जिला और प्रशासन ने स्थानीय किया निरीक्षण, पढ़े पूरी खबर

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हल्द्वानी में रेलवे अतिक्रमण हटाए जाने के हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, जहां एक ओर प्रशासन ने अतिक्रमण क्षेत्र की पिलर बंदी कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है तो वहीं दूसरी तरफ रेलवे के एडीआरएम सहित अन्य अधिकारियों ने प्रशासन के साथ रेलवे की अधिक्रमित क्षेत्र का निरीक्षण किया।

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रेलवे वैगन से पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद रेलवे जल्द अतिक्रमण हटाएगा, उससे पूर्व रेलवे की संपत्ति को कैसे सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके, इसके लिए विस्तार पूर्वक निरीक्षण किया गया है। साथ ही प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए जल्द अतिक्रमण को हटाकर रेलवे भूमि खाली कराई जाएगी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र से रेलवे की 78 एकड़ भूमि पर काबिज 4000 से अधिक अतिक्रमणकारियों को 10 जनवरी से हटाए जाने की कार्रवाई शुरू होने जा रही है जिसको लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। वही सीआरपीएफ की 6 कंपनियां अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून व्यवस्था के मोर्चा को संभालेंगे। बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में छह कंपनी आरएएफ शहर में आ जाएगी। इसके रहने का इंतजाम जिला प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में किया है।

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उ एक कंपनी में करीब 135 जवान होते हैं। दो जनवरी से शहर में करीब 800 से भी ज्यादा जवान शहर में पहुच जाएंगे कहा कि फोर्स के ठहरने के इंतजाम तो जिला प्रशासन करेगा ।

हाई कोर्ट के आदेश पर बनभूलपुरा क्षेत्र से रेलवे की करीब 78 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना है। अतिक्रमण की जद में करीब 4365 घर आ रहे हैं।
बड़ी कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बरकरार रखना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। इसके लिए लगातार बैठक कर रणनीति बनाई जा रही है।

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पुलिस प्रशासन के मुताबिक नौ कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) भी सुरक्षा के लिहाज से पहुंचेगी। इसके अलावा रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) की दस कंपनी आनी है।
वही अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन 2 जनवरी से मुनादी शुरू करने जा रहा है।
जिला प्रशासन के मुताबिक अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए सबसे पहले उनके घरों के विद्युत और पेयजल की कनेक्शन को काटने जाएंगे।


जिला प्रशासन के मुताबिक दस जनवरी से अतिक्रमण गिराने की योजना है। इसके लिए रेलवे के अलावा प्रशासन तैयारियों में जुटा है। पुलिस प्रशासन के समक्ष शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ उपद्रव रोकने की चुनौती है। इसके लिए पुलिस ने संभावित पुलिस बल की सूची तैयार की थी। राज्य सरकार पुलिस फोर्स की मंजूरी पहले ही दे दी थी जबकि रेलवे पुलिस की पांच अतिरिक्त कंपनियों के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी गई थी।

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केंद्र की सहमति के बाद रेलवे ने भी पांच कंपनियों को बढ़ाने को मंजूरी दी है। अब पीएसी और आईआरबी की 08 कंपनियों के अलावा सीपीएमएफ पुरुष की 06, सीपीएमएफ महिला 03, आरपीएफ पुरुष 06, आरपीएफ महिला की 04 कंपनियां हल्द्वानी में डेरा डाल लेंगी। 10 जनवरी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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