हल्द्वानी:छात्रा से दुष्कर्म और गर्भवती करने के आरोपी पड़ोसी को 20 साल की कठोर कारावास

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हल्द्वानी: विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह रावत की कोर्ट ने छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया.


शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि मामला नैनीताल जिले के भवाली थाना क्षेत्र का है जहां पड़ोस में रहने वाले युवक ने कक्षा नौ में पढ़ने वाली छात्रा से पड़ोस के रहने वाले युवक ने दुष्कर्म किया जिससे वह गर्भवती हो गई बाद में न्यायालय के आदेश के बाद किशोरी का गर्भपात कराया गया था. पूरे मामले में सात गवाह और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाया है.

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शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि 8 अप्रैल 2021 को भवाली थाने में एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस के जांच पड़ताल में पता चला कि गिरीश चंद्र किशोरी के पड़ोस में रहता था. गिरीश चंद्र किशोरी के घर में मजदूरी की थी इसी दौरान उससे उसकी जान पहचान किशोरी से हो गई एक जनवरी 2021 को आरोपी ने किशोरी के घर में ही जबरन शारीरिक संबंध बनाए. इसकी शिकायत करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी इस दौरान अप्रैल 2021 को किशोरी की तबीयत बिगड़ी तो उसकी स्वास्थ्य जांच कराई गई तो पता चला वह तीन माह की गर्भवती है.

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छात्रा ने जब आरोपी से गर्भवती होने की बात बताई तो आरोपी छात्रा भगा ले गया जहां नैनीताल अपने बहन के घर में रखा नौ अप्रैल 2021 को पुलिस ने किशोरी को आरोपी की बहन के घर से बरामद कर लिया. साथ ही पुलिस आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की थी. किशोरी के नाबालिक होने पर कोर्ट के आदेश और परिजनों की सहमति से किशोरी का गर्भपात कराया गया.भ्रूण की फॉरेंसिक जांच में गिरीश ही उसका बायोलॉजिकल पिता निकला. पूरे मामले में कोर्ट ने फोरेंसिक रिपोर्ट और साथ गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी नंदन सिंह रावत की कोर्ट ने 20 साल की कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है.

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